देव सभा | Dev Sabha

देव सभा : रामचरित चिंतामणि | Dev Sabha : Ramcharit Chintamani

देव सभा : रामचरित चिंतामणि | Dev Sabha : Ramcharit Chintamani के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : देव सभा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ramcharit Chintamani | Ramcharit Chintamani की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 1012.4KB है | पुस्तक में कुल 92 पृष्ठ हैं |नीचे देव सभा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | देव सभा पुस्तक की श्रेणियां हैं : hindu

Name of the Book is : Dev Sabha | This Book is written by Ramcharit Chintamani | To Read and Download More Books written by Ramcharit Chintamani in Hindi, Please Click : | The size of this book is 1012.4KB | This Book has 92 Pages | The Download link of the book "Dev Sabha" is given above, you can downlaod Dev Sabha from the above link for free | Dev Sabha is posted under following categories hindu |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 1012.4KB
कुल पृष्ठ : 92

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

[२०] जिसको पाकर नंगे भूखे
राजराज*-सम आज हुए, मानवराज हुए दानवसे
भूतसके सिरताज हुए। उसी अस्थिचर्मवशेष
भारतको निगला करते हैं, बगलाभक्त बने बँगलोंपर । रहे न अघसे डरते हैं ।
[२१] पितृयज्ञ या देवयज्ञ अब
कैसे भारत किया करे ? पिया करे नित सहन-रक्त तो | कहिए कैसे जिया करे ? । गीका निर्वश हुआ तो
आर्यों का निवेश हुआ, भ्रंस हुआ यदि कृषि कलाप तो
धर्म कर्म भी ध्वंस हुआ ॥

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.