रश्मिरथी | Rashmirathi

रश्मिरथी | Rashmirathi

रश्मिरथी | Rashmirathi के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : रश्मिरथी है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ramdhari Singh Dinkar | Ramdhari Singh Dinkar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 14 MB है | पुस्तक में कुल 194 पृष्ठ हैं |नीचे रश्मिरथी का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | रश्मिरथी पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Rashmirathi | This Book is written by Ramdhari Singh Dinkar | To Read and Download More Books written by Ramdhari Singh Dinkar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 14 MB | This Book has 194 Pages | The Download link of the book "Rashmirathi" is given above, you can downlaod Rashmirathi from the above link for free | Rashmirathi is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 14 MB
कुल पृष्ठ : 194

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बात यह है कि ''कुरुक्षेत्र'' की रचना कर चुकने के बाद ही मुझमें यह भाव जगा कि में कोई ऐसा काव्य भी लिख” जिसमें केवल विचारोत्तेजकता ही नहीं, कुछ कथा-संवाद और वर्णन का भी माहात्म्य हो स्पष्ट ही, यह उस मोह का उद्गार था जो मेरे भीतर उरा परंपरा के प्रति मौजूद रहा है जिसके सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि राष्ट्रकवि श्रीमथिलीशरणजी गुप्त है। इस परंपरा के प्रति मेरे बहुत-से सङ्घर्मयों के क्या भाव हैं, इससे में' अपरिचित नहीं हैं। मुझे यह भी पता है कि जिन देशों अथवा दिशाओं से आज हिन्दी-काव्य की प्रेरणा पार्सल से मोल या उधार मँगाई जा रही है, वहाँ कथा-काव्य की परंपरा निःशेष हो तुकी है और जो काम पहले प्रबन्ध-काव्य करते थे वही काम अब, बड़े मजे में, उपन्यास कर रहे हैं।

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