तुगलक | Tuglak

तुगलक | Tuglak

तुगलक | Tuglak के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : तुगलक है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Girish Karnad | Girish Karnad की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 104 MB है | पुस्तक में कुल 162 पृष्ठ हैं |नीचे तुगलक का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | तुगलक पुस्तक की श्रेणियां हैं : comedy

Name of the Book is : Tuglak | This Book is written by Girish Karnad | To Read and Download More Books written by Girish Karnad in Hindi, Please Click : | The size of this book is 104 MB | This Book has 162 Pages | The Download link of the book "Tuglak" is given above, you can downlaod Tuglak from the above link for free | Tuglak is posted under following categories comedy |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 104 MB
कुल पृष्ठ : 162

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इस दृष्टि से यह समझना कठिन नही है कि गिरीश कारमाड ने तुगलक ने चरित्र और काल को अपने नाटक के लिए क्यों चुना एक कारण, जैसा कि उन्होंने स्वयं कहा है, कन्नड में ऐतिहासिक नाटकों का प्राय. अभाव-मा है। निश्चय ही केवल इसी से उन्हे प्रेरणा न मिली होगी। इस महान शासक के वृहद आदर्शो, स्वप्नी और आकाश को छूने यानी आकाक्षाओं में, तदनन्तर उसके आमूल पराभव में उन्हे भारतीय समसामयिक वस्तुस्थिति का बोध हुआ होगा।

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