
एक सब्ज़ी और फल वाला जिस तरह से मंडी से बेहतरीन सब्जियें लाता है और उन्हें करीने से सजाता है उससे उसकी शोहरत शहर में चारों ओर फ़ैल जाती है. पर फल वाला अब बूढ़ा हो रहा है. वो धीरे-धीरे यह गुर एक छोटे लड़के को सिखाता है जिससे लड़के का परिवार अपनी आजीविका चला सके. बाद में सब्ज़ी वाला अपनी पत्नी के साथ एक एकांत पहाड़ी पर जाकर बस्ता है. वो अब सब्ज़ियां बेंचने की बजाए उन्हें अपने छोटे खेत में उगाता है.