अर्थला | Arthala

अर्थला | Arthala

अर्थला | Arthala के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : अर्थला है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Vivek Kumar | Vivek Kumar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 1 MB है | पुस्तक में कुल 51 पृष्ठ हैं |नीचे अर्थला का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | अर्थला पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Arthala | This Book is written by Vivek Kumar | To Read and Download More Books written by Vivek Kumar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 1 MB | This Book has 51 Pages | The Download link of the book "Arthala" is given above, you can downlaod Arthala from the above link for free | Arthala is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 1 MB
कुल पृष्ठ : 51

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यह गाथा किसी एक विशिष्ट नायक की नहीं, अपितु सभ्यता, संस्कृति, समाज, देश-काल, निर्माण तथा प्रलय को समेटे हुए एक सम्पूर्ण युग की है । वह युग, जिसमें देव, दानव, असुर एवं दैत्य जातियाँ अपने वर्चस्व पर थीं। यह वह युग था, जब देवात्रों और ब्रह्मास्त्रों की धमक से धरती कम्पित हुआ करती थी। शक्ति प्रदर्शन, भोग के उपकरणों को बढ़ाने, नए संसाधनों पर अधिकार तथा सर्वोच्च बनने की होड़ ने देवों, असुरों तथा अन्य जातियों के मध्य ऐसे आर्थिक संघर्ष को जन्म दिया, जिसने सम्पूर्ण जम्बूद्वीप को कई बार देवासुर-संग्राम की ओर ढकेला परन्तु इस बार संग्राम-सिंधु की बारी थी। वह अति-विनाशकारी महासंग्राम जो दस देतासर-संग्रामों से भी अधिक विजंसक था।

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