आश्रम की बहनों को | Ashram Ki Bahano Ko

आश्रम की बहनों को | Ashram Ki Bahano Ko

आश्रम की बहनों को | Ashram Ki Bahano Ko के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : आश्रम की बहनों को है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Acharya Kaka Kalelkar | Acharya Kaka Kalelkar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 3 MB है | पुस्तक में कुल 134 पृष्ठ हैं |नीचे आश्रम की बहनों को का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | आश्रम की बहनों को पुस्तक की श्रेणियां हैं : history

Name of the Book is : Ashram Ki Bahano Ko | This Book is written by Acharya Kaka Kalelkar | To Read and Download More Books written by Acharya Kaka Kalelkar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 3 MB | This Book has 134 Pages | The Download link of the book "Ashram Ki Bahano Ko" is given above, you can downlaod Ashram Ki Bahano Ko from the above link for free | Ashram Ki Bahano Ko is posted under following categories history |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 3 MB
कुल पृष्ठ : 134

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आश्रम-जीवनके बारे में चर्चा करते हुये अंक बार मैंने पू०. वापूजीसे कहा था कि * आश्रम में जितने पुरुष आये हैं, वे सब आपकी प्रवृत्तिसे आकर्षित होकर आये हैं । राष्ट्रसेवा तो सत्रका आदर्श है ही अनमें से कुछका आकर्षण राजनैतिक स्वराज्यके लिये है, कुछ लोग यह देखकर आये हैं कि हिन्दू धर्मकी पुनर्जाग्रति आपके द्वारा होगी, कुछको अितना ही आकर्षण है कि आपके जरिये अहिंसा जीवित और प्रभावशाली होने लगी हैं, कुछका मुख्य आकर्षण अस्पृश्यता-निवारण ही है, जबकि हममें से कुछ यह समझकर आये हैं कि राष्ट्रीय शिक्षाको प्रयोग करनेके लिये यह अत्तम स्थान है ।

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