भोजपुरी लोकगाथा | Bhojpurii Lokgatha

भोजपुरी लोकगाथा | Bhojpurii Lokgatha

भोजपुरी लोकगाथा | Bhojpurii Lokgatha के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भोजपुरी लोकगाथा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Satyavrat Sinha | Satyavrat Sinha की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 35.3MB है | पुस्तक में कुल 356 पृष्ठ हैं |नीचे भोजपुरी लोकगाथा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भोजपुरी लोकगाथा पुस्तक की श्रेणियां हैं : literature

Name of the Book is : Bhojpurii Lokgatha | This Book is written by Satyavrat Sinha | To Read and Download More Books written by Satyavrat Sinha in Hindi, Please Click : | The size of this book is 35.3MB | This Book has 356 Pages | The Download link of the book "Bhojpurii Lokgatha" is given above, you can downlaod Bhojpurii Lokgatha from the above link for free | Bhojpurii Lokgatha is posted under following categories literature |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 35.3MB
कुल पृष्ठ : 356

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

हिंदी साहित्य का भण्डार जन्नपदय भाषाओं की उपेक्षा के कारण कुछ अपूर्ण सा था । वस्तुत: जनपदीय भाषाओं में ही किसी देश की सभ्यता और संस्कृति | स्वाभाविक रूप में विद्यमान रहती है। हिंदी के इस क्षेत्र की मोर ध्यान दिलाने का श्रेय पं० रामनरेश त्रिपाठी तथा श्री राहुल सांकृत्यायन को है । इसकी उपयोगिता को देख कर विश्वविद्यालयों में भी धीरे धीरे लोक साहित्य से संबंधित विषयों पर शोध कार्य होने लगा, और पिछले आठ, दस वर्षों के अन्दर विश्वविद्यालयों की डी० फिल० उपाधि के लिए इस विषय पर कई थीसिस स्वीकृत हुए ।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.