गोदान प्रेमचंद | Godan Premchand

गोदान प्रेमचंद | Godan Premchand

गोदान प्रेमचंद | Godan Premchand के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : गोदान प्रेमचंद है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Premchand | Premchand की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 2.4 MB है | पुस्तक में कुल 526 पृष्ठ हैं |नीचे गोदान प्रेमचंद का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | गोदान प्रेमचंद पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Godan Premchand | This Book is written by Premchand | To Read and Download More Books written by Premchand in Hindi, Please Click : | The size of this book is 2.4 MB | This Book has 526 Pages | The Download link of the book " Godan Premchand" is given above, you can downlaod Godan Premchand from the above link for free | Godan Premchand is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 2.4 MB
कुल पृष्ठ : 526

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

धनिया इतनी व्यवहार-कुशल न थी। उसका विचार था कि हमने ज़मींदार के खेत जोते हैं, तो वह अपना लगान ही तो लेगा। उसकी खुशामद क्यों करें, उसके तलवे क्यों सहलायें। यद्यपि अपने विवाहित जीवन के इन बीस बरसों में उसे अच्छी तरह अनुभव हो गया था कि चाहे कितनी ही कतरब्योंत करो, कितना ही पेट-तन काटो, चाहे एक-एक कौड़ी को दाँत से पकड़ो; मगर लगान बेबाक़ होना मुश्किल है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.