कौटल्य के आर्थिक विचार | Kautilya Ke Arthik Vichara

कौटल्य के आर्थिक विचार | Kautilya Ke Arthik Vichara

कौटल्य के आर्थिक विचार | Kautilya Ke Arthik Vichara के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : कौटल्य के आर्थिक विचार है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Bhagwan Das Kela | Bhagwan Das Kela की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 5 MB है | पुस्तक में कुल 146 पृष्ठ हैं |नीचे कौटल्य के आर्थिक विचार का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | कौटल्य के आर्थिक विचार पुस्तक की श्रेणियां हैं : history

Name of the Book is : Kautilya Ke Arthik Vichara | This Book is written by Bhagwan Das Kela | To Read and Download More Books written by Bhagwan Das Kela in Hindi, Please Click : | The size of this book is 5 MB | This Book has 146 Pages | The Download link of the book "Kautilya Ke Arthik Vichara" is given above, you can downlaod Kautilya Ke Arthik Vichara from the above link for free | Kautilya Ke Arthik Vichara is posted under following categories history |


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पुस्तक का साइज : 5 MB
कुल पृष्ठ : 146

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आचार्य ने अपनी योग्यता, तेजस्विता, रचना-कौशल और बुद्धि प्रखरता आदि से जर्मन फासीसी आदि पाश्चात्य विद्वानों को चकित कर दिया है, और उनकी दृष्टि में भारत का प्राचीन गौरव बढ़ाया है। उसके अर्थशास्त्र के उपलब्ध हो जाने से इस बात को जीवित जागृत प्रमाण मिल गया है कि अब से सवा दो हजार वर्ष पूर्व जबकि अनेक आधुनिक राष्ट्रों को जन्म भी नहीं हुआ था, भारतवर्ष अपनी सभ्यता और संस्कृति की तथा राजनैतिक और आर्थिक उन्नति की घोपणा कर रहा था।

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