महात्रिपुरसुन्दरीवरिवस्यविधि | Maha Tripura Sundari Varivasya Vidhi

महात्रिपुरसुन्दरीवरिवस्यविधि | Maha Tripura Sundari Varivasya Vidhi

महात्रिपुरसुन्दरीवरिवस्यविधि | Maha Tripura Sundari Varivasya Vidhi के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : महात्रिपुरसुन्दरीवरिवस्यविधि है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. Avinash Nath Tripathi | Dr. Avinash Nath Tripathi की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 28.4 MB है | पुस्तक में कुल 87 पृष्ठ हैं |नीचे महात्रिपुरसुन्दरीवरिवस्यविधि का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | महात्रिपुरसुन्दरीवरिवस्यविधि पुस्तक की श्रेणियां हैं : Granth

Name of the Book is : Maha Tripura Sundari Varivasya Vidhi | This Book is written by Dr. Avinash Nath Tripathi | To Read and Download More Books written by Dr. Avinash Nath Tripathi in Hindi, Please Click : | The size of this book is 28.4 MB | This Book has 87 Pages | The Download link of the book "Maha Tripura Sundari Varivasya Vidhi" is given above, you can downlaod Maha Tripura Sundari Varivasya Vidhi from the above link for free | Maha Tripura Sundari Varivasya Vidhi is posted under following categories Granth |


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पुस्तक का साइज : 28.4 MB
कुल पृष्ठ : 87

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'आदि शक्ति जेहिं जग उपजाया -जिस आदि शक्ति से चराचर जगत की सृष्टि हुई है एवं जिस शक्ति के बिना रंचमात्र भी स्पन्दन नहीं हो सकता, उसी परान्बाभगवती के विविध नाम व स्वरूपों की परिकल्पना की गयी है। अनादि काल से ही देव, दानव, ऋषि, मुनि आदि सभी उसी आदिशक्ति की आराधना करके, अपने-अपने अभीष्ट की प्राप्ति करके कृतकृत्य हो गए है

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