श्रम समस्याएं एवं समाज कल्याण | Sharam Samasyaye Avam Samaj Kalyan

श्रम समस्याएं एवं समाज कल्याण | Sharam Samasyaye Avam Samaj Kalyan

श्रम समस्याएं एवं समाज कल्याण | Sharam Samasyaye Avam Samaj Kalyan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : श्रम समस्याएं एवं समाज कल्याण है | इस पुस्तक के लेखक हैं : R. C. Saxena | R. C. Saxena की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 22.7 MB है | पुस्तक में कुल 1005 पृष्ठ हैं |नीचे श्रम समस्याएं एवं समाज कल्याण का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | श्रम समस्याएं एवं समाज कल्याण पुस्तक की श्रेणियां हैं : Social

Name of the Book is : Sharam Samasyaye Avam Samaj Kalyan | This Book is written by R. C. Saxena | To Read and Download More Books written by R. C. Saxena in Hindi, Please Click : | The size of this book is 22.7 MB | This Book has 1005 Pages | The Download link of the book "Sharam Samasyaye Avam Samaj Kalyan" is given above, you can downlaod Sharam Samasyaye Avam Samaj Kalyan from the above link for free | Sharam Samasyaye Avam Samaj Kalyan is posted under following categories Social |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 22.7 MB
कुल पृष्ठ : 1005

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

प्रौद्योगिक केन्द्रों में श्रमिक अन्य जिलों तथा अन्य प्रान्तों से आते है। कुछ कारखानो तथा खानों में श्रमिक आस-पास के गोदी से भी माते है । काम पाने के लिये दूसरे नगरों में प्रवास कम होता है । भारतीय कुटीर-उद्योगों के पतन तथा १८३० में अंग्रेजी उपनिवेशो में दास प्रथा की। समाप्ति के पश्चात ही भारतीय श्रमिक लंका, मलाया, बर्मा आदि दूसरे देशों में नौकरी की खोज मे जाने लगे। बाद में यह प्रवास लंका तक ही सीमित हो गया।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.