योग समन्वय भाग 1और 2 | The Synthesis of Yoga Part 1 And 2

योग समन्वय भाग 1और 2 | The Synthesis of Yoga Part 1 And 2

योग समन्वय भाग 1और 2 | The Synthesis of Yoga Part 1 And 2 के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : योग समन्वय भाग 1और 2 है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Shri Arvind | Shri Arvind की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 11.07 MB है | पुस्तक में कुल 589 पृष्ठ हैं |नीचे योग समन्वय भाग 1और 2 का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | योग समन्वय भाग 1और 2 पुस्तक की श्रेणियां हैं : society

Name of the Book is : The Synthesis of Yoga Part 1 And 2 | This Book is written by Shri Arvind | To Read and Download More Books written by Shri Arvind in Hindi, Please Click : | The size of this book is 11.07 MB | This Book has 589 Pages | The Download link of the book "The Synthesis of Yoga Part 1 And 2" is given above, you can downlaod The Synthesis of Yoga Part 1 And 2 from the above link for free | The Synthesis of Yoga Part 1 And 2 is posted under following categories society |


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पुस्तक का साइज : 11.07 MB
कुल पृष्ठ : 589

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प्रकृतिकी क्रियाओंकी दो आवश्यकताएँ हैं जो, ऐसा प्रतीत होता है। सदा ही मानव-क्रिपाके महत्तर स्पोंमें हस्तक्षेप करती रहती हैं। ये 'रूप या तो हमारे साधारण कार्यक्षेत्रोंसे सर्गधित हो सकते है या चन असाधारण दो र उपप्तम्धिकी घोग कर रहे होते हैं जो हमें चुन और विष्य प्रतीत होती है। ऐसा प्रत्येक रूप एक ऐसी समन्वित जटिक्सा या समप्रता की ओर उन्मुख होता है जो पुन विशेष प्रयत्न और प्रवृत्तिकी विविध धारा विभक्त तो हो जाती है पर फिर एक अधिक विशाल मौर अधिक शक्तिशाली समन्वयमें भु भी जाती है। दूसरी बात यह है कि किसी | तीजका मोंने विकास एक प्रभावशाली अभिव्यक्तिको अनिवार्य नियम है।

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