युग परिवर्तन में समर्थ दीपयज्ञ | Yug Parivartan Mein Samarth Deepyagya

युग परिवर्तन में समर्थ दीपयज्ञ | Yug Parivartan Mein Samarth Deepyagya

युग परिवर्तन में समर्थ दीपयज्ञ | Yug Parivartan Mein Samarth Deepyagya के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : युग परिवर्तन में समर्थ दीपयज्ञ है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Pt. Shri Ramsharma Acharya | Pt. Shri Ramsharma Acharya की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 767.3 KB है | पुस्तक में कुल 33 पृष्ठ हैं |नीचे युग परिवर्तन में समर्थ दीपयज्ञ का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | युग परिवर्तन में समर्थ दीपयज्ञ पुस्तक की श्रेणियां हैं : Social

Name of the Book is : Yug Parivartan Mein Samarth Deepyagya | This Book is written by Pt. Shri Ramsharma Acharya | To Read and Download More Books written by Pt. Shri Ramsharma Acharya in Hindi, Please Click : | The size of this book is 767.3 KB | This Book has 33 Pages | The Download link of the book " Yug Parivartan Mein Samarth Deepyagya " is given above, you can downlaod Yug Parivartan Mein Samarth Deepyagya from the above link for free | Yug Parivartan Mein Samarth Deepyagya is posted under following categories Social |


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यज्ञ के बाद में, व्याख्यान के बाद में देवदक्षिणा आवश्यक है। देवदक्षिणा में यह आवश्यक है कि आप अपनी बुराइयों का त्याग करें और अपनी अच्छाइयों को बढ़ाएँ। ये भी वातावरण संशोधन का एक बड़ा कार्य है। जो प्रकृति हमसे नाराज हुई है, जो मुसीबतें आई हैं, ये सब मनुष्य के स्वभाव, मनुष्य के गुण, मनुष्य के कर्म, मनुष्य की वृत्तियों में फरक आ जाने के कारण आई हैं। आप इसको भी ठीक कर सकते हैं। यानि कि यज्ञ के बाद में जब देवदक्षिणा दी जाए तो उसमें अपनी कोई न कोई एक बुराई छोड़ी जाए और कोई न कोई एक अच्छाई बढ़ाई जाए। ये काम करना भी आवश्यक है। यही देवदक्षिणा है। दक्षिणा के लिए पंडित जी को एक हजार रुपए देंगे और उनको पाँच कपड़े देंगे, खाना देंगे, नहीं। ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है। ये सामूहिक यज्ञ है

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