युगांत | Yugant

युगांत | Yugant

युगांत | Yugant के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : युगांत है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Sumitranandan Pant | Sumitranandan Pant की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 03.0 MB है | पुस्तक में कुल 78 पृष्ठ हैं |नीचे युगांत का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | युगांत पुस्तक की श्रेणियां हैं : education, others

Name of the Book is : Yugant | This Book is written by Sumitranandan Pant | To Read and Download More Books written by Sumitranandan Pant in Hindi, Please Click : | The size of this book is 03.0 MB | This Book has 78 Pages | The Download link of the book "Yugant" is given above, you can downlaod Yugant from the above link for free | Yugant is posted under following categories education, others |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 03.0 MB
कुल पृष्ठ : 78

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हिन्दी संसार में श्री सुमित्रानन्दन जो पन्त का जीवन परिचय नहीं के बराबर है। 'युगान्त' उनकी जन्म-भूमि अल्मोड़ा से प्रकाशित हो रहा है; अतएव, पाठकों की सुविधा के लिए, हम उनके जीवन की छोटी सी चित्र-रेखा इस संग्रह के साथ जोड़ देना अनुचित नहीं समझते हैं। श्री सुमित्रानन्दन जी पन्त का जन्म, अल्मोड़ा से पच्चीस मील दूर कौसानी गाँव में, मई, सन् १६०• में हुआ। प्राकृतिक सौन्दर्य । की दृष्टि से कौसानी कवि की उपयुक्त जन्म-भूमि है। महात्मा गाँधी ने उसकी स्विट्जरलैंड से तुलना कर अतिशयोक्ति नहीं की। पम्त जी का कहना है कि उनके काव्य का प्राकृतिक सौन्दर्य-जगत कौसानी की । वही मनोरम स्वर्ण-स्मृतियाँ हैं, जो उनके बचपन के सद्यःस्फुट सौन्दर्य-प्रिय हृदय में अनेक कोमल तहों में अंकित हो गई थीं।

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