आगरा व फतेहपुर सिकरी के ऐतिहासिक भवन | Agra And Fatehpur Sikri Ke Aitihasik Bhawan

आगरा व फतेहपुर सिकरी के ऐतिहासिक भवन | Agra And Fatehpur Sikri Ke Aitihasik Bhawan

आगरा व फतेहपुर सिकरी के ऐतिहासिक भवन | Agra And Fatehpur Sikri Ke Aitihasik Bhawan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : आगरा व फतेहपुर सिकरी के ऐतिहासिक भवन है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Devi Dayal Mathur | Devi Dayal Mathur की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 7 MB है | पुस्तक में कुल 92 पृष्ठ हैं |नीचे आगरा व फतेहपुर सिकरी के ऐतिहासिक भवन का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | आगरा व फतेहपुर सिकरी के ऐतिहासिक भवन पुस्तक की श्रेणियां हैं : education, history, Knowledge

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पुस्तक का साइज : 7 MB
कुल पृष्ठ : 92

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इतिहास के माध्यमिक काल में, उस समय की सभ्यता के प्रासन तथा केन्द्र होने के कारण, आगरा में ६ दिल्ली भारत के हृदय थे । वे हिन्दू-मुस्लिम-संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाली स्थापत्य-कला के दृष्टिकोण से सब से अधिक समृद्ध हैं, और प्राचीनता, सौंदर्य तथा ऐतिहासिक रुचि से पूर्ण है। जिस जमना नदी को लेकर इतनी लोककथाएं प्रचलित है, उसी के किनारे पर में हुए ये दोनों अगर एक दूसरे से सौ मील से कुछ ही अधिक अन्तर पर है। दोनों ही में वे सुन्दर भवन हमारे लिए सुरक्षित हैं, जो अपनी स्थापत्य-कला, सादगी और मुरचिपूर्ण प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। प्रेरणा से भरे हुए कलाकारों और निर्माताओं ने अपने प्यारे हाथों से आगरा में ताजमहल का निर्माण किया । हिन्दू-मुस्लिम कला ने भारत को एक ऐसा सांस्कृतिक स्थायित्व प्रदान किया है, जो शताब्दियों से पट्टे चला पा रहा है।

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