अनुवाद कला कुछ विचार | Anuvad Kala Kuch Vichar

अनुवाद कला कुछ विचार | Anuvad Kala Kuch Vichar

अनुवाद कला कुछ विचार | Anuvad Kala Kuch Vichar के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : अनुवाद कला कुछ विचार है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ved Prakash | Ved Prakash की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 12.8 MB है | पुस्तक में कुल 186 पृष्ठ हैं |नीचे अनुवाद कला कुछ विचार का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | अनुवाद कला कुछ विचार पुस्तक की श्रेणियां हैं : literature

Name of the Book is : Anuvad Kala Kuch Vichar | This Book is written by Ved Prakash | To Read and Download More Books written by Ved Prakash in Hindi, Please Click : | The size of this book is 12.8 MB | This Book has 186 Pages | The Download link of the book "Anuvad Kala Kuch Vichar " is given above, you can downlaod Anuvad Kala Kuch Vichar from the above link for free | Anuvad Kala Kuch Vichar is posted under following categories literature |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 12.8 MB
कुल पृष्ठ : 186

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

भारत की वर्तमान स्थिति के संदर्भ में अनुवाद का महत्त्व स्वयं सिद्ध है। भारतीय संविधान में राष्ट्रभाषा हिन्दी को एक विशिष्ट स्थिति प्राप्त है। हमारे सारे प्रयत्न हिन्दी को राजकाज की भाषा तथा उच्च शिक्षा का उपयुक्त माध्यम बना देने के हैं। यों साहित्यिक भाषा के रूप में, हिन्दी भाषा की क्षमता संभवतः संसार की किसी भाषा से पीछे नहीं है तथापि प्रशासनिक एवं प्राविधिक विषयों की शिक्षा की दृष्टि से हिन्दी को अभी तक पर्याप्त और उपयुक्त अवसर न मिलने के कारण उसमें अंग्रेजी आदि भाषाओं जैसी क्षमता एवं शक्ति अभी नहीं है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.