प्रबंध पदमा | Prabandh-padma

प्रबंध पदमा – PRABANDH PADMA

प्रबंध पदमा – PRABANDH PADMA के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : प्रबंध पदमा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Pandit Suryakant Tripathi Nirala | Pandit Suryakant Tripathi Nirala की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 8.7 MB है | पुस्तक में कुल 160 पृष्ठ हैं |नीचे प्रबंध पदमा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | प्रबंध पदमा पुस्तक की श्रेणियां हैं : india, others, Poetry

Name of the Book is : Prabandh-padma | This Book is written by Pandit Suryakant Tripathi Nirala | To Read and Download More Books written by Pandit Suryakant Tripathi Nirala in Hindi, Please Click : | The size of this book is 8.7 MB | This Book has 160 Pages | The Download link of the book "Prabandh-padma" is given above, you can downlaod Prabandh-padma from the above link for free | Prabandh-padma is posted under following categories india, others, Poetry |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 8.7 MB
कुल पृष्ठ : 160

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सराई सीयइ आनन-चार । स-तीस राही-बरि रामुहि सीय ॥११॥
भायार्थ-श्री सीताजी को चारबुख बाले ब्रह्मा जी सराहते हैं। श्री जानकी जी औराम जी को सन्तोष-सहित बर रही हैं।
पिता, बस इार, दिआ वन-दान । दयानिघ ने बन कौन पायान ||१२||
पमान यांग | भाचार्थ-पिता (राजा दशरथ जी) ने अपना यश फैकेयी को हार कर, अर्थान कैकेयी के बश में होकर राम जी को बनदान दिया। अत:, दयानिधि श्रीराम जी ने वन की प्रयाय |

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