भगवती चरण वर्मा के उपन्यासों में आधुनिकता बोध | Bhagwati Charan Verma Ke Upanyaso Me Aadhunikta Bodh

भगवती चरण वर्मा के उपन्यासों में आधुनिकता बोध | Bhagwati Charan Verma Ke Upanyaso Me Aadhunikta Bodh

भगवती चरण वर्मा के उपन्यासों में आधुनिकता बोध | Bhagwati Charan Verma Ke Upanyaso Me Aadhunikta Bodh के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भगवती चरण वर्मा के उपन्यासों में आधुनिकता बोध है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Indra Bahadur Singh | Indra Bahadur Singh की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 30.85 MB है | पुस्तक में कुल 311 पृष्ठ हैं |नीचे भगवती चरण वर्मा के उपन्यासों में आधुनिकता बोध का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भगवती चरण वर्मा के उपन्यासों में आधुनिकता बोध पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Bhagwati Charan Verma Ke Upanyaso Me Aadhunikta Bodh | This Book is written by Indra Bahadur Singh | To Read and Download More Books written by Indra Bahadur Singh in Hindi, Please Click : | The size of this book is 30.85 MB | This Book has 311 Pages | The Download link of the book "Bhagwati Charan Verma Ke Upanyaso Me Aadhunikta Bodh " is given above, you can downlaod Bhagwati Charan Verma Ke Upanyaso Me Aadhunikta Bodh from the above link for free | Bhagwati Charan Verma Ke Upanyaso Me Aadhunikta Bodh is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


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पुस्तक का साइज : 30.85 MB
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आधुनिक हिन्दी साहित्य की विधाओं मे उपन्यास एक अत्यधिक व्यापक एव लोकप्रिय साहित्य विधा है। उपन्यास एक ओर तो समाज के विविध जीवन चित्रो को स्थापित करता है, दूसरी ओर अपनी रसज्ञता एव मनोरजकता मे पाठ्क को आत्मविभोर भी कर लेता है। उसमे इतिहास रस तथा काव्य रस दोनो की सहति होने के कारण एक ओर तो वह रस बोध का आनन्द देता है दूसरी ओर समाज की जीवन्तता, सरलता-कुटिलता, आह्लाद-टीस, चिन्तन और परिमार्जन का साधन भी बनता है। हिन्दी का उपन्यास-साहित्य उत्तरोत्तर समृद्ध होता चला जा रहा है। जिसमे समाज में प्रचलित विविध चिन्तन-धाराओं, वादो और विवादों के स्वरूप भी मिलते हैं।

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