स्वास्थ्य कला और गृह प्रबन्ध | Swasthaya Kala Or Grah Prabandh

स्वास्थ्य कला और गृह प्रबन्ध | Swasthaya Kala Or Grah Prabandh

स्वास्थ्य कला और गृह प्रबन्ध | Swasthaya Kala Or Grah Prabandh के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : स्वास्थ्य कला और गृह प्रबन्ध है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Unknown | Unknown की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 9.5 MB है | पुस्तक में कुल 330 पृष्ठ हैं |नीचे स्वास्थ्य कला और गृह प्रबन्ध का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | स्वास्थ्य कला और गृह प्रबन्ध पुस्तक की श्रेणियां हैं : health, science

Name of the Book is : Swasthaya Kala Or Grah Prabandh | This Book is written by Unknown | To Read and Download More Books written by Unknown in Hindi, Please Click : | The size of this book is 9.5 MB | This Book has 330 Pages | The Download link of the book " Swasthaya Kala Or Grah Prabandh" is given above, you can downlaod Swasthaya Kala Or Grah Prabandh from the above link for free | Swasthaya Kala Or Grah Prabandh is posted under following categories health, science |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 9.5 MB
कुल पृष्ठ : 330

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इजन में कुछ पाइप अर्थात् धातु की नलिकाएँ भाप को उत्पन्न होने के स्थान से उस जगह ले जाती है, जहाँ पर भाप की शक्ति का प्रयोग होता है । शरीर के अन्दर भी अनेक नलिकाएँ अत्यन्त पतलीपतली होती हैं । ये शरीर के प्राय. प्रत्येक भाग में पाई जाती हैं। इनमें होकर रक्त इधर-उधर दौड़ता रहता है। रक्त के द्वारा ही शरीर के प्रत्येक अग को भोजन पहुँचता है और उनमें उत्पन्न मल-रूपी पदार्थों को बाहर निकलना सम्भव होता है । नलिकाओं में रक्त को लगातार चलाते रहने के लिए एक यन्त्र पम्परूपी होता है जिसे हृदय या दिल कहते हैं।

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