भारत में विज्ञापन | Bharat Mein Vigyapan

भारत में विज्ञापन | Bharat Mein Vigyapan

भारत में विज्ञापन | Bharat Mein Vigyapan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भारत में विज्ञापन है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Alok Singh | Alok Singh की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 27.4 MB है | पुस्तक में कुल 321 पृष्ठ हैं |नीचे भारत में विज्ञापन का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भारत में विज्ञापन पुस्तक की श्रेणियां हैं : Social

Name of the Book is : Bharat Mein Vigyapan | This Book is written by Alok Singh | To Read and Download More Books written by Alok Singh in Hindi, Please Click : | The size of this book is 27.4 MB | This Book has 321 Pages | The Download link of the book " Bharat Mein Vigyapan" is given above, you can downlaod Bharat Mein Vigyapan from the above link for free | Bharat Mein Vigyapan is posted under following categories Social |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 27.4 MB
कुल पृष्ठ : 321

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

सूचना देने, चयन में सुविधा प्रदान करने, उन्हें शिक्षित करने तथा विक्रय प्रवर्तन हेतु विचारों, वस्तु अथवा सेवा का अवैयक्तिक प्रस्तुतीकरण है । जिसके द्वारा एक अभिज्ञात विज्ञापनकर्ता विज्ञापन में कही गयी बात को मनवाने के लिए जनसमूह को प्रेरित करता है और इसके लिए विज्ञापन कराने वाले को कुछ न कुछ भुगतान करना पड़ता है। उक्त सभी परिभाषाओं का निष्कर्ष यह निकलता है कि विज्ञापन मांग का सृजन करता है तथा एक अर्थशास्त्री के दृष्टिकोण से विज्ञापन मांग और पूर्ति में सन्तुलन स्थापित करने के लिए किया जाता है ।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.