भारतीय दर्शन में भौतिकवाद | Bharatiya Darshan Mein Bhautikvad

भारतीय दर्शन में भौतिकवाद | Bharatiya Darshan Mein Bhautikvad

भारतीय दर्शन में भौतिकवाद | Bharatiya Darshan Mein Bhautikvad के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भारतीय दर्शन में भौतिकवाद है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Girdhari Lal Vyas | Girdhari Lal Vyas की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 4.07 MB है | पुस्तक में कुल 178 पृष्ठ हैं |नीचे भारतीय दर्शन में भौतिकवाद का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भारतीय दर्शन में भौतिकवाद पुस्तक की श्रेणियां हैं : Social

Name of the Book is : Bharatiya Darshan Mein Bhautikvad | This Book is written by Girdhari Lal Vyas | To Read and Download More Books written by Girdhari Lal Vyas in Hindi, Please Click : | The size of this book is 4.07 MB | This Book has 178 Pages | The Download link of the book "Bharatiya Darshan Mein Bhautikvad" is given above, you can downlaod Bharatiya Darshan Mein Bhautikvad from the above link for free | Bharatiya Darshan Mein Bhautikvad is posted under following categories Social |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 4.07 MB
कुल पृष्ठ : 178

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

एक दार्शनिक प्रवृत्ति है। इसके अनुसार विश्व भौतिक है। वह चेतना से अलग वस्तुगत स्वरूप में अस्तित्वमय है। विश्व के विकास में भूतद्रव्य प्राथमिक है। इसे किसी चेतना, परम चेतना या ईश्वर ने नहीं बनाया। वह शाश्वत है। चेतना, चिंतन भूतद्रव्य का विकसित स्वरूप है, उसका अनुगुणा भौतिकवाद के अनुसार इस विश्व के विकास के नियम हैं जिन्हें जाना-समझा जा सकता है, अतः विश्व ज्ञेय है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.