गढ़वाली भाषा | Garhvali Bhasha

गढ़वाली भाषा | Garhvali Bhasha

गढ़वाली भाषा | Garhvali Bhasha के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : गढ़वाली भाषा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. Govind Chatak | Dr. Govind Chatak की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 14.02 MB है | पुस्तक में कुल 147 पृष्ठ हैं |नीचे गढ़वाली भाषा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | गढ़वाली भाषा पुस्तक की श्रेणियां हैं : Social

Name of the Book is : Garhvali Bhasha | This Book is written by Dr. Govind Chatak | To Read and Download More Books written by Dr. Govind Chatak in Hindi, Please Click : | The size of this book is 14.02 MB | This Book has 147 Pages | The Download link of the book "Garhvali Bhasha" is given above, you can downlaod Garhvali Bhasha from the above link for free | Garhvali Bhasha is posted under following categories Social |


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पुस्तक का साइज : 14.02 MB
कुल पृष्ठ : 147

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गढ़वाल अपने प्राकृतिक ऐश्वर्य के लिए तो प्रसिद्ध है ही | इसके अतिरिक्त उसकी अपनी बहुत प्राचीन ऐतिहासिक परम्परा भी है | प्रागैतिहासिक काल में गढ़वाल यक्ष, नाग, किरात आदि लोगों से सम्बन्धित रहा है | वहां के लोक गीतों और लोक विश्वासों में इनके विषय में अनेक सन्दर्भ मिलते है | यक्षों को वहां जाख या जग्स कहा जाता है

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