हिंदी उपन्यास विविध आयाम | Hindi Upanyas Vividh Ayaam

हिंदी उपन्यास विविध आयाम | Hindi Upanyas Vividh Ayaam

हिंदी उपन्यास विविध आयाम | Hindi Upanyas Vividh Ayaam के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : हिंदी उपन्यास विविध आयाम है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. Chandrabhanu Sonvane | Dr. Chandrabhanu Sonvane की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 15 MB है | पुस्तक में कुल 364 पृष्ठ हैं |नीचे हिंदी उपन्यास विविध आयाम का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | हिंदी उपन्यास विविध आयाम पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge, Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Hindi Upanyas Vividh Ayaam | This Book is written by Dr. Chandrabhanu Sonvane | To Read and Download More Books written by Dr. Chandrabhanu Sonvane in Hindi, Please Click : | The size of this book is 15 MB | This Book has 364 Pages | The Download link of the book "Hindi Upanyas Vividh Ayaam" is given above, you can downlaod Hindi Upanyas Vividh Ayaam from the above link for free | Hindi Upanyas Vividh Ayaam is posted under following categories Knowledge, Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 15 MB
कुल पृष्ठ : 364

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मुंशी प्रेमचन्द की दृष्टि में नाहित्य 'जोवन की आलोचना करने वाला 'मानवसंस्कार का एक सशक्त अस्त्र' है। इसीलिए उन्होंने विचारों का प्रचार' और 'उत्कर्ष का अनुभव कराने के उद्देश्य से 'मानवचरित्र का चित्र' उपन्यास के माध्यम से उपस्थित किया। उन्होंने न केवल ‘किमी देवता की कामना की, अपितु उस देवता में प्राणप्रनिष्ठा' करने का कठिन कार्य भी किया। उनके कथासाहित्य पात्र कटफुतलियों के समान नहीं है, जैसा कि उनके पूर्ववर्ती साहित्यकार देवकीनन्दन ग्यत्री के उपन्यासों में पाए जाते हैं । इमीलिए उन्हें कथाजगत् में मानव की प्रतिष्ठा करने का श्रेय दिया जाता है ।

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