मानवीय विधुत के चमत्कार | Manviya Vidut Ke Chamatkar

मानवीय विधुत के चमत्कार | Manviya Vidut Ke Chamatkar

मानवीय विधुत के चमत्कार | Manviya Vidut Ke Chamatkar के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : मानवीय विधुत के चमत्कार है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Pt. Shri Ram Sharma Acharya | Pt. Shri Ram Sharma Acharya की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 2.7 MB है | पुस्तक में कुल 65 पृष्ठ हैं |नीचे मानवीय विधुत के चमत्कार का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | मानवीय विधुत के चमत्कार पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge

Name of the Book is : Manviya Vidut Ke Chamatkar | This Book is written by Pt. Shri Ram Sharma Acharya | To Read and Download More Books written by Pt. Shri Ram Sharma Acharya in Hindi, Please Click : | The size of this book is 2.7 MB | This Book has 65 Pages | The Download link of the book "Manviya Vidut Ke Chamatkar" is given above, you can downlaod Manviya Vidut Ke Chamatkar from the above link for free | Manviya Vidut Ke Chamatkar is posted under following categories Knowledge |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 2.7 MB
कुल पृष्ठ : 65

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

मनुष्य का शरीर एक अच्छा खासा बिजली घर हैजैसे बिजलीघर में से सारे शहर के लिए तार लगे रहते हैं, उसी प्रकार मस्तिष्क में से निकल कर जो पतले-पतले तार समस्त शरीर में जाल की तरह फैल गए हैं, उन्हें ज्ञान तंतु कहा जाता है। यह टेलीफोन का काम करते हैं। देह को जरा सा भी कहीं छू दो तो यह तार फौरन मस्तिष्क को सूचना देंगे और वहाँ बैठा हुआ अधिकारी क्षण भर में यह फैसला करेगा कि अब क्या करना चाहिए पाँव में चींटी काट खाए तो तुरंत ही ज्ञान तंतु इसकी रिपोर्ट मस्तिष्क में पहुँचायेंगे और मस्तिष्क बिना एक क्षण का विलंब लगाए उस चींटी के काटते ही हम अपना पैर फटकारते हैं,

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.