मेरा जीवन तथा ध्येय | Mera Jeevan Tatha Dhyey

मेरा जीवन तथा ध्येय : स्वामी विवेकानंद | Mera Jeevan Tatha Dhyey : Swami Vivekanand

मेरा जीवन तथा ध्येय : स्वामी विवेकानंद | Mera Jeevan Tatha Dhyey : Swami Vivekanand के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : मेरा जीवन तथा ध्येय है | इस पुस्तक के लेखक हैं : विवेकानंद / Vivekanand | विवेकानंद / Vivekanand की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 2.4 MB है | पुस्तक में कुल 45 पृष्ठ हैं |नीचे मेरा जीवन तथा ध्येय का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | मेरा जीवन तथा ध्येय पुस्तक की श्रेणियां हैं : Biography

Name of the Book is : Mera Jeevan Tatha Dhyey | This Book is written by विवेकानंद / Vivekanand | To Read and Download More Books written by विवेकानंद / Vivekanand in Hindi, Please Click : | The size of this book is 2.4 MB | This Book has 45 Pages | The Download link of the book "Mera Jeevan Tatha Dhyey" is given above, you can downlaod Mera Jeevan Tatha Dhyey from the above link for free | Mera Jeevan Tatha Dhyey is posted under following categories Biography |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 2.4 MB
कुल पृष्ठ : 45

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

इन युवकों का समूह भ्रमण करता रहा। शनैःशनैः लोगों का ध्यान हमारी ओर विचा; ९० प्रतिशत उसमें विरोधी थे, बहुत ही अल्पशि सहायक था। हम लोगों की एक सबसे बड़ी कमी थी और वह यह कि हम सब युवा थे, हम सब निर्धन थे और युवकों की सारी ऊबड़-खाबडता हममें मौजूद थी। जिसको जीवन में खुद अपनी राह बना कर चलना पड़ता है, थोड़ा ऊबड़-खाबड़ हो ही जाता है, उसे बड़ा कोमल, बड़ा नम्र और बड़ा मिष्टभाषी बनने का अवकाश ही कहाँ प्राप्य है, “ मेरे सज्जनो, मेरी देवियो” इत्यादि सम्योधनों का उसे अवसर कहाँ ? जीवन में आपने सदैव दस चीजों को देखा होगा। वह तो एक खुरदरा हीरा है, उसमें चिकनी पालिश नहीं, वह एक ऐसा मोती है जिसकी डिविया अपनी निराली डिबिया है।

You might also like
2 Comments
  1. samunder says

    Bahut bahut dhanyawaad aapko|Bharat ki anmol sanskriti ka srijan aur logon ko uska sopaan karaane k liye.dil se dhanyawaad.

  2. Neeraj Kumar says

    Good morning friends

Leave A Reply

Your email address will not be published.