मोहब्बत का पैगाम | Mohabbat Ka Pegam

मोहब्बत का पैगाम | Mohabbat Ka Pegam

मोहब्बत का पैगाम | Mohabbat Ka Pegam के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : मोहब्बत का पैगाम है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Acharya Vinoba Bhave | Acharya Vinoba Bhave की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 15 MB है | पुस्तक में कुल 448 पृष्ठ हैं |नीचे मोहब्बत का पैगाम का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | मोहब्बत का पैगाम पुस्तक की श्रेणियां हैं : society

Name of the Book is : Mohabbat Ka Pegam | This Book is written by Acharya Vinoba Bhave | To Read and Download More Books written by Acharya Vinoba Bhave in Hindi, Please Click : | The size of this book is 15 MB | This Book has 448 Pages | The Download link of the book "Mohabbat Ka Pegam " is given above, you can downlaod Mohabbat Ka Pegam from the above link for free | Mohabbat Ka Pegam is posted under following categories society |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 15 MB
कुल पृष्ठ : 448

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मैने लुई पाश्चर की एक तस्वीर देखी थी। उसके नीचे एक वाक्य लिखा था, फ्रेंच, अग्रेजी और हिन्दी मै भी मैं तुम्हारा धर्म क्या है, यह नहीं जानना चाहता है तुम्हारे खयालात क्या हैं, वह भी नहीं जानना चाहता । सिर्फ यही जानना चाहता हूँ कि तुम्हारे दुःख क्या हैं । उन्हें दूर करने में मदद करना चाहता हूँ। मजहब क्या है, यह देखना नहीं चाहता । खयालात नहीं देखना चाहता । दुःख दूर करना चाहता हूँ। ऐसा काम करनेवाले इन्सान का फर्ज अदा करते हैं। इस वचन का मुझ पर बहुत असर हुआ । मेरी वैसी ही कोशिश हो रही है ।

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