नागार्जुन कृत माध्यमकशास्त्र और विग्रहव्यावर्तनी | Nagarjuna Krita Madhyamak Shastra Aur Vigrahavyavartani

नागार्जुन कृत माध्यमकशास्त्र और विग्रहव्यावर्तनी | Nagarjuna Krita Madhyamak Shastra Aur Vigrahavyavartani

नागार्जुन कृत माध्यमकशास्त्र और विग्रहव्यावर्तनी | Nagarjuna Krita Madhyamak Shastra Aur Vigrahavyavartani के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : नागार्जुन कृत माध्यमकशास्त्र और विग्रहव्यावर्तनी है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Yashdeva Shalya | Yashdeva Shalya की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 52.9 MB है | पुस्तक में कुल 134 पृष्ठ हैं |नीचे नागार्जुन कृत माध्यमकशास्त्र और विग्रहव्यावर्तनी का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | नागार्जुन कृत माध्यमकशास्त्र और विग्रहव्यावर्तनी पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm

Name of the Book is : Nagarjuna Krita Madhyamak Shastra Aur Vigrahavyavartani | This Book is written by Yashdeva Shalya | To Read and Download More Books written by Yashdeva Shalya in Hindi, Please Click : | The size of this book is 52.9 MB | This Book has 134 Pages | The Download link of the book "Nagarjuna Krita Madhyamak Shastra Aur Vigrahavyavartani " is given above, you can downlaod Nagarjuna Krita Madhyamak Shastra Aur Vigrahavyavartani from the above link for free | Nagarjuna Krita Madhyamak Shastra Aur Vigrahavyavartani is posted under following categories dharm |


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पुस्तक का साइज : 52.9 MB
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आधुनिक युग में देश और विदेश के अनेक विद्वान् बौद्ध दर्शन के अध्ययन की ओर आकृष्ट हुए हैं और परिणामतः प्रमुखतम बौद्ध दार्शनिकों में अग्रगण्य नागार्जुन पर भी बहुत-सा लेखन हुआ है। परन्तु जबकि अन्य सब लेखन सामान्य सैद्धान्तिक निर्वचन और व्याख्या के रूप में हुआ है श्री शल्य ने एक दार्शनिक की भूमि से नागार्जुन की दार्शनिक युक्तियों की परीक्षा की है।

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