प्रेम पंचमी | Prem Panchami

प्रेम पंचमी | Prem Panchami

प्रेम पंचमी | Prem Panchami के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : प्रेम पंचमी है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Premchand | Premchand की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 4.21 MB है | पुस्तक में कुल 142 पृष्ठ हैं |नीचे प्रेम पंचमी का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | प्रेम पंचमी पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Prem Panchami | This Book is written by Premchand | To Read and Download More Books written by Premchand in Hindi, Please Click : | The size of this book is 4.21 MB | This Book has 142 Pages | The Download link of the book "Prem Panchami " is given above, you can downlaod Prem Panchami from the above link for free | Prem Panchami is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 4.21 MB
कुल पृष्ठ : 142

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

संसार में जिस दिन दादी और उसके नाती-पोतों का आविष्कार हुआ, उसी दिन कहानी का भी जन्म हुआ । कदानियों का दादी और बच्चों के साथ अटूट सबध है। बच्चों को बिना कहानी सुने नींद नहीं आती, और दादी को विना कहानी सुनाए चैन नहीं पड़ता। इसीति ये शायद कहानी का आदिम इतिहास अज्ञात है । उसका सबसे प्रथम प्राभास हमें संसार के सभी देशों में प्रचलि त देतकथाओं तथा धार्मिक साहित्य में मिलता है । बूढ़ी दादी के समान ही ये धार्मिक ग्रंथ भी अजान मानव-समाज को कहानियाँ सुनासुनाकर सीधा रास्ता बतलाने का प्रयत्न किया करते हैं। हमारे देश के शास्त्र और पुराण, महाभारत और रामायण, सभी प्राचीन ग्रंथ कहानियों से भरे पड़े हैं ।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.