श्रीसाधना | Shrisadhna

श्रीसाधना | Shrisadhna

श्रीसाधना | Shrisadhna के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : श्रीसाधना है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Gopinath Kaviraj | Gopinath Kaviraj की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 19.3 MB है | पुस्तक में कुल 140 पृष्ठ हैं |नीचे श्रीसाधना का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | श्रीसाधना पुस्तक की श्रेणियां हैं : Spirituality -Adhyatm

Name of the Book is : Shrisadhna | This Book is written by Gopinath Kaviraj | To Read and Download More Books written by Gopinath Kaviraj in Hindi, Please Click : | The size of this book is 19.3 MB | This Book has 140 Pages | The Download link of the book " Shrisadhna" is given above, you can downlaod Shrisadhna from the above link for free | Shrisadhna is posted under following categories Spirituality -Adhyatm |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 19.3 MB
कुल पृष्ठ : 140

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२०वीं शती में हमारे देश में कुछ प्रसिद्ध साधक हुए हैं। कुछ प्रसिद्ध दार्शनिक भी हुए हैं, किन्तु साधना और दार्शनिक प्रतिभा का जो सुन्दर समन्वय श्रद्धेय कविराजजी में मिलता है वह कहीं अन्यत्र नहीं मिलता। लगता है १०व शताब्दी के अभिनव गुप्त श्री कविराजजी के रूप में पुन: इस धरातल पर २०वीं शताब्दी में प्रकट हुए। एक और विशेषता कविराजजी में पायी जाती है जो अभिनव गुप्त में भी नहीं थी। अभिनव गुप्त मूर्द्धन्यज्ञानी और तंत्र के अनुपम साधक थे, किन्तु श्रद्धेय कविराजजी में उत्कृष्ट ज्ञान के प्रकाश और तंत्र की रहस्यमयी साधना के अतिरिक्त जो प्रेम की निर्मल धारा का प्रवाह देखने को मिलता है वह अन्यत्र कहीं उपलब्ध नहीं है।

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