वैदिक विश्वदर्शन | Vedic Vishwa Darshan v

वैदिक विश्वदर्शन | Vedic Vishwa Darshan

वैदिक विश्वदर्शन | Vedic Vishwa Darshan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : वैदिक विश्वदर्शन है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Pandit Harishankar Joshi | Pandit Harishankar Joshi की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 145.4 MB है | पुस्तक में कुल 348 पृष्ठ हैं |नीचे वैदिक विश्वदर्शन का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | वैदिक विश्वदर्शन पुस्तक की श्रेणियां हैं : Granth

Name of the Book is : Vedic Vishwa Darshan v | This Book is written by Pandit Harishankar Joshi | To Read and Download More Books written by Pandit Harishankar Joshi in Hindi, Please Click : | The size of this book is 145.4 MB | This Book has 348 Pages | The Download link of the book " Vedic Vishwa Darshan v" is given above, you can downlaod Vedic Vishwa Darshan v from the above link for free | Vedic Vishwa Darshan v is posted under following categories Granth |


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पुस्तक का साइज : 145.4 MB
कुल पृष्ठ : 348

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कालान्तर के इस युग में वेदार्थ के लिए वैदिक तत्व की अपेक्षा लौकिक व्याकरण और लौकिक निरुक्त पर अधिक ध्यान दिया जाने लगा। उपदेशाय ग्लायन्तो अवरे' आदि लिख कर यास्क ने अपने सम्प्रदायिक लौकिक निरुक्त में इसी परिस्थिति का संकेत किया है। प्रस्तुत ग्रन्थ में संहिता, श्रुतिमंत्र, ब्राह्मण, आरण्यक और उपनिषदों को ही प्रमाण कोटि में लिया गया है। जहाँ गीता, महाभारत, रामायण, पुराण आदि में भी वैदिक धारा का ही प्रबा मिलता है, उसका भी यदा-कदा संकेत किया गया है। इन ग्रन्थों में ब्राह्म चरित्र को ही ब्रह्म के प्रतिरूप पुरुष देवों या स्त्री देवियों के रूप में डालकर वर्णित किया गया है। ये सब वैदिक दर्शन के तत्वों के लौकिक अवतार हैं।

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