स्वर्ग नरक की स्वसंचालित प्रक्रिया | Swarg Narak Ki Swasanchalit Prakriya

स्वर्ग नरक की स्वसंचालित प्रक्रिया | Swarg Narak Ki Swasanchalit Prakriya

स्वर्ग नरक की स्वसंचालित प्रक्रिया | Swarg Narak Ki Swasanchalit Prakriya के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : स्वर्ग नरक की स्वसंचालित प्रक्रिया है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Shri Ram Sharma Acharya | Shri Ram Sharma Acharya की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 04.9 MB है | पुस्तक में कुल 121 पृष्ठ हैं |नीचे स्वर्ग नरक की स्वसंचालित प्रक्रिया का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | स्वर्ग नरक की स्वसंचालित प्रक्रिया पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm

Name of the Book is : Swarg Narak Ki Swasanchalit Prakriya | This Book is written by Shri Ram Sharma Acharya | To Read and Download More Books written by Shri Ram Sharma Acharya in Hindi, Please Click : | The size of this book is 04.9 MB | This Book has 121 Pages | The Download link of the book "Swarg Narak Ki Swasanchalit Prakriya" is given above, you can downlaod Swarg Narak Ki Swasanchalit Prakriya from the above link for free | Swarg Narak Ki Swasanchalit Prakriya is posted under following categories dharm |


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पुस्तक का साइज : 04.9 MB
कुल पृष्ठ : 121

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यह संसार कर्मफल व्यवस्था के आधार पर चल रहा हैजो जैसा बोता है, वह वैसा काटता है। क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। पेंडुलम एक ओर चलता है तो लौटकर उसे फिर वापस अपनी जगह आना पड़ता है। गेंद को जहाँ फेंककर मारा जाए वहाँ से लौटकर उसी स्थान पर आना चाहेगी, जहाँ से फेंकी गई थी। शब्दवेधी बाण की तरह भले-बुरे विचार अंतरिक्ष में चक्कर काटकर उसी मस्तिष्क पर आ विराजते हैं, जहाँ से उन्हें छोड़ा गया है। कर्म के संबंध में भी यही बात है। दूसरों के हित-अहित के लिए जो किया गया है |

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