तपो-भूमि | Tapo Bhumi

तपो-भूमि | Tapo Bhumi

तपो-भूमि | Tapo Bhumi के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : तपो-भूमि है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Jaynendra Kumar | Jaynendra Kumar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 13.4 MB है | पुस्तक में कुल 220 पृष्ठ हैं |नीचे तपो-भूमि का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | तपो-भूमि पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Tapo Bhumi | This Book is written by Jaynendra Kumar | To Read and Download More Books written by Jaynendra Kumar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 13.4 MB | This Book has 220 Pages | The Download link of the book "Tapo Bhumi" is given above, you can downlaod Tapo Bhumi from the above link for free | Tapo Bhumi is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 13.4 MB
कुल पृष्ठ : 220

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पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

मैं चार महीने का था, जब उन्होंने यह संसार छोड़ा । मेरी प्यारी माता के सिवा मेरा कोई और अविभावक न था। उसने मुझे पोसा, पाला, बड़ा किया, शिक्षा दी, मुझ में मर्दानगी और हाँस भरी, और मेरी प्रकृति को यह वेग दिया । उसके दूध में यह सब घुला हुआ था । उसके प्यार में संयम था, और उसकी ताड़ना में प्यार । हृदय में उसके दूध की स्निग्धती और मिठास भर कर, और शरीर में उस दूध से जीवन-शक्ति और प्रबलता भरकर मैं बड़ा हुआ । उसके प्यार की शक्ति को मैंने सेंत रक्खा, और उसे प्रकृति में मिल जाने दिया, और उस प्यार के मधु से मैंने अपने हृदय को रंग डाला।

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