वनौषध चन्द्रोदय भाग-6 | Vanaushadhi Chandrodaya Bhag-6

वनौषध चन्द्रोदय भाग-6 | Vanaushadhi Chandrodaya Bhag-6

वनौषध चन्द्रोदय भाग-6 | Vanaushadhi Chandrodaya Bhag-6 के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : वनौषध चन्द्रोदय भाग-6 है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Chandraraj Bhandari | Chandraraj Bhandari की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 09.03 MB है | पुस्तक में कुल 216 पृष्ठ हैं |नीचे वनौषध चन्द्रोदय भाग-6 का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | वनौषध चन्द्रोदय भाग-6 पुस्तक की श्रेणियां हैं : ayurveda, health

Name of the Book is : Vanaushadhi Chandrodaya Bhag-6 | This Book is written by Chandraraj Bhandari | To Read and Download More Books written by Chandraraj Bhandari in Hindi, Please Click : | The size of this book is 09.03 MB | This Book has 216 Pages | The Download link of the book "Vanaushadhi Chandrodaya Bhag-6" is given above, you can downlaod Vanaushadhi Chandrodaya Bhag-6 from the above link for free | Vanaushadhi Chandrodaya Bhag-6 is posted under following categories ayurveda, health |


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पुस्तक का साइज : 09.03 MB
कुल पृष्ठ : 216

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यूनानीमत-यूनानीमत से मूगा दूसरे दर्जे में सर्द और खुश्क होता है । यह शक्ति वर्धक शीर काविज है । शहद के साथ इसको देने से अर्धाङ्ग, लकवा, छपवात और यकृत तथा तिल्ली के रोगों में लाभ पहुंचाता है। यह पेशाब साफ लाता है, खून की दस्तों को वन्द करता है । जिस व्यक्ति को मिरगी श्राती हो वह अगर मूगे की माला पहने तो उसे लाभ होता है। अगर गर्भवती स्त्री इसे अपने पास रखे तो गर्म हिफाजत से रहता है।

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