अभिज्ञान | Abhigyan

अभिज्ञान | Abhigyan

अभिज्ञान | Abhigyan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : अभिज्ञान है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Narendra Kohli | Narendra Kohli की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 4.01 MB है | पुस्तक में कुल 234 पृष्ठ हैं |नीचे अभिज्ञान का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | अभिज्ञान पुस्तक की श्रेणियां हैं : education, Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Abhigyan | This Book is written by Narendra Kohli | To Read and Download More Books written by Narendra Kohli in Hindi, Please Click : | The size of this book is 4.01 MB | This Book has 234 Pages | The Download link of the book "Abhigyan" is given above, you can downlaod Abhigyan from the above link for free | Abhigyan is posted under following categories education, Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 4.01 MB
कुल पृष्ठ : 234

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''अपराध का प्रश्न कहा है बाबा !" सुदामा का स्वर गंभीर था, "जब मेरे साथ संबंध है, तो मेरे अच्छे-बुरे को उन्हें भी भुगतना ही होगा । मेरे जीवन मैं यदि कोई उपलब्धि हुई ''धन की बात नहीं कर रहा हूं। वैचारिक उपलब्धि, ख्याति या ऐसी ही कोई अभौतिक वस्तु::तो उसका लाभ वे पाएंगे या नहीं ? ऐसे में मेरे जीवन के अभाव में भी तो उनकी सहभागिता होगी ही। और फिर सुदामा तो जीवन को भौतिक धरातल पर जीता ही नहीं है। कीचड़ में बिलबिलाते एक कीड़े और स्वच्छ यामुम्देल में जीने वाले एक जीव में कोई अतर तो होगा बाबा !"नुमसे असहमत नहीं हूं।" बाबा बोले, "विवेकपूर्ण स्वच्छ जीवन जीने का पक्षपाती में भी हैं।

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