भारत विभाजन और हिंदी उपन्यास | Bharat Vibhajan Aur Hindi Upanyas

भारत विभाजन और हिंदी उपन्यास | Bharat Vibhajan Aur Hindi Upanyas

भारत विभाजन और हिंदी उपन्यास | Bharat Vibhajan Aur Hindi Upanyas के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भारत विभाजन और हिंदी उपन्यास है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Hariyash | Hariyash की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 01.53 MB है | पुस्तक में कुल 76 पृष्ठ हैं |नीचे भारत विभाजन और हिंदी उपन्यास का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भारत विभाजन और हिंदी उपन्यास पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Bharat Vibhajan Aur Hindi Upanyas | This Book is written by Hariyash | To Read and Download More Books written by Hariyash in Hindi, Please Click : | The size of this book is 01.53 MB | This Book has 76 Pages | The Download link of the book "Bharat Vibhajan Aur Hindi Upanyas" is given above, you can downlaod Bharat Vibhajan Aur Hindi Upanyas from the above link for free | Bharat Vibhajan Aur Hindi Upanyas is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 01.53 MB
कुल पृष्ठ : 76

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

1857 का विद्रोह अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए भारतीय शाम तो द्वारा किया गया विद्रोह था। अग्रेजो के आने से पहले परिभम से जो हमलावर आए थे उनमें और अग्रेजी में मुलभूत अन्तर था। मुसनमानी ने जब भारत पर विजय प्राप्त की थी तब शिफ राजनतिक सत्ता हिदू सामती के हाथो से मिलनर मुस्लिम सामन्तो के हाथों में आई थी लेकिन भारत की आर्थिव पवरपा व उत्पादन सम्बयों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था। ऐसा इसलिए हो सका था वयोकि ये हमलावर थिम विकास के क्षेत्र में भारतीय समितो से पिछड़े हुए ये और जिस समाज में वे रहते आए थे यह अघविकसित सामन्ती समाज था।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.