भारतीय परम्परा मे असहयोग | Bharatiya Parampara Mein Asahayog

भारतीय परम्परा मे असहयोग | Bharatiya Parampara Mein Asahayog

भारतीय परम्परा मे असहयोग | Bharatiya Parampara Mein Asahayog के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भारतीय परम्परा मे असहयोग है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dharmpal | Dharmpal की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 3 MB है | पुस्तक में कुल 186 पृष्ठ हैं |नीचे भारतीय परम्परा मे असहयोग का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भारतीय परम्परा मे असहयोग पुस्तक की श्रेणियां हैं : Social

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पुस्तक का साइज : 3 MB
कुल पृष्ठ : 186

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मेरा मन गाँव में जाकर रहने और काम करने का था। मेरे एक पारिवारिक मित्र गोरखपुर जिले के एक हजार एक जितने यिशस फार्म के मैनेजर थे। उन्ने मुझे फार्म पर आकर रहने के लिए निमत्रण दिया। यह फार्म सुन्दर तो था परन्तु यह तो यहाँ रह्नेवालों से कसकर परिश्रम कराने की जगह थी। गाँव जैसा सामूहिवता को वातावरण व नहीं होता था। व गौय के लोगों से मिलने यात करने का अवसर भी नहीं मिलता था। परन्तु स् पास मैंने देखी कि प लोग गरीब होने के बाद भी प्रसन्नचित्त दिखाई देते थे।

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