भारतीय डाकियों की सामाजिक स्थिति | Bhartiya Dakiyo Ki Samajik Sthiti

भारतीय डाकियों की सामाजिक स्थिति | Bhartiya Dakiyo Ki Samajik Sthiti

भारतीय डाकियों की सामाजिक स्थिति | Bhartiya Dakiyo Ki Samajik Sthiti के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भारतीय डाकियों की सामाजिक स्थिति है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. Kirti Pandey | Dr. Kirti Pandey की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 22.0 MB है | पुस्तक में कुल 158 पृष्ठ हैं |नीचे भारतीय डाकियों की सामाजिक स्थिति का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भारतीय डाकियों की सामाजिक स्थिति पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge, science

Name of the Book is : Bhartiya Dakiyo Ki Samajik Sthiti | This Book is written by Dr. Kirti Pandey | To Read and Download More Books written by Dr. Kirti Pandey in Hindi, Please Click : | The size of this book is 22.0 MB | This Book has 158 Pages | The Download link of the book "Bhartiya Dakiyo Ki Samajik Sthiti" is given above, you can downlaod Bhartiya Dakiyo Ki Samajik Sthiti from the above link for free | Bhartiya Dakiyo Ki Samajik Sthiti is posted under following categories Knowledge, science |


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पुस्तक का साइज : 22.0 MB
कुल पृष्ठ : 158

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भारतीय डाक सेवाओं ने वस्तुतः जनमानस के हृदय को आकर्षित किया है। सच बात तो यह कि भारतीय डाक सेवाओं के कर्णधार डाकिये हैं, ये मानव-शरीर में रक्त का संचरण करने वाली रक्तवाहिनियों के समान हैं जिन्हें शरीर में प्रत्येक स्थान पर समय-समय पर शुद्ध रक्त उपलब्ध कराना होता है। ठीक वैसे ही महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व का निर्वाह डाक विभाग में कार्यरत डाकियों द्वारा पिछले डेढ़ सौ वर्षों से पूरी लगन, निष्ठा और ईमानदारी से किया जाता रहा है। डाक सेवा दूरस्थ स्थलों तक उपलब्ध है। समाज के प्रत्येक धनी–निर्धन वर्ग एवं विभिन्न सम्प्रदायों के मध्य समन्वय स्थापित कर निरन्तर सेवा की ओर उन्मुख होता हुआ डाक विभाग पारस्परिक सद्भावना का जागरण संदेश प्रसारित करता है। डाक सेवा निश्चय ही संस्कृति, विभिन्न विचारों के आदान-प्रदान एवं साहित्यसृजन में भी सहायक सिद्ध हुआ है। एक सामान्य पत्र भी प्रापक को वितरित हो जाना डाक-सेवा द्वारा सम्पादित महान कृत्य है।

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