भारतीय कृषि का अर्थतंत्र | Bhartiya Krishi Ka Arthtantra

भारतीय कृषि का अर्थतंत्र | Bhartiya Krishi Ka Arthtantra

भारतीय कृषि का अर्थतंत्र | Bhartiya Krishi Ka Arthtantra के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भारतीय कृषि का अर्थतंत्र है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. N. L. Agarwal | Dr. N. L. Agarwal की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 12.6 MB है | पुस्तक में कुल 715 पृष्ठ हैं |नीचे भारतीय कृषि का अर्थतंत्र का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भारतीय कृषि का अर्थतंत्र पुस्तक की श्रेणियां हैं : Agriculture

Name of the Book is : Bhartiya Krishi Ka Arthtantra | This Book is written by Dr. N. L. Agarwal | To Read and Download More Books written by Dr. N. L. Agarwal in Hindi, Please Click : | The size of this book is 12.6 MB | This Book has 715 Pages | The Download link of the book " Bhartiya Krishi Ka Arthtantra" is given above, you can downlaod Bhartiya Krishi Ka Arthtantra from the above link for free | Bhartiya Krishi Ka Arthtantra is posted under following categories Agriculture |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 12.6 MB
कुल पृष्ठ : 715

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

पुस्तक के तृतीय सस्करण का भी विद्यायियो एव शिक्षकों द्वारा उत्साहपूर्वक स्वागत के कारण अल्पकाल में संशोधित करके चतुर्थ सस्करण प्रस्तुत करते हुए मुझे हर्ष का अनुभव हो रहा है । पुस्तक के इस संस्करण में नयनतम माकड एव सरकार को घोषित नीति के अनुसार संशोधन करने के अतिरिक्त अनेक अध्यायो में नवीनतम सामग्री भी सम्मिलित की गई है, जैसे-जवाहर रोजगार योजना, लागत सकल्पना के नए पापार, कृषि लागत एव कीमत आयोग, हरित क्राति अदि । मारत में गरीबी' का नया अध्याय जोड़ा गया है । आशा है पुस्तक के इस सस्करण हो भी कपि स्नातको एव विभिन्न प्रतियोगी परीक्षामो मे बैठने वाले छात्रो तथा कृषि विकास एव नीति से सम्बन्धित व्यक्तियों द्वारा स्वागत किया जायेगा ।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.