ब्रह्मचर्य व्रत | Brahmcharya Vrat

ब्रह्मचर्य व्रत | Brahmcharya Vrat

ब्रह्मचर्य व्रत | Brahmcharya Vrat के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : ब्रह्मचर्य व्रत है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Shankar Prasad Dixit | Shankar Prasad Dixit की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 03.07 MB है | पुस्तक में कुल 130 पृष्ठ हैं |नीचे ब्रह्मचर्य व्रत का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | ब्रह्मचर्य व्रत पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm, Knowledge

Name of the Book is : Brahmcharya Vrat | This Book is written by Shankar Prasad Dixit | To Read and Download More Books written by Shankar Prasad Dixit in Hindi, Please Click : | The size of this book is 03.07 MB | This Book has 130 Pages | The Download link of the book "Brahmcharya Vrat" is given above, you can downlaod Brahmcharya Vrat from the above link for free | Brahmcharya Vrat is posted under following categories dharm, Knowledge |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 03.07 MB
कुल पृष्ठ : 130

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जैन-शास्त्रानुसार, स्वर्ग-प्राप्ति कोई बड़ी बात नहीं है। बड़ी बात तो मोक्ष प्राप्त करने में है। प्रेमचर्य से संसार की सभी ऋद्धि मिलजावे-वर्गका राज्य भी प्रान हो जाये-तब भी यदिइसके द्वारा मोक्ष प्रान न हो सकता हैाता, जैन-शास्त्र इस धर्मका अंग न मानते क्योंकि जैन-शन्त्रि उसी वस्तु को उपयोगी श्रीर महत्व ही मानते हैं, जिसके द्वारा मोक्ष प्राप्त हो । लेकिन उक्त प्रमाण जिन ग्रन्थों के हैं, वे ग्रन्थ स्वर्ग का हो अन्तिम येय मानते हैं । फिर भी ऊपर दिये हुये कों में से, पहला श्योक दूसरे श्लोक
से अप्रामाणिक ठहरता है।

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