क्षण भर की दुल्हन | Chhan Bhar Ki Dulhan

क्षण भर की दुल्हन | Chhan Bhar Ki Dulhan

क्षण भर की दुल्हन | Chhan Bhar Ki Dulhan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : क्षण भर की दुल्हन है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Yadvendra Sharma ‘Chandra’ | Yadvendra Sharma ‘Chandra’ की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 3.58 MB है | पुस्तक में कुल 159 पृष्ठ हैं |नीचे क्षण भर की दुल्हन का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | क्षण भर की दुल्हन पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Chhan Bhar Ki Dulhan | This Book is written by Yadvendra Sharma ‘Chandra’ | To Read and Download More Books written by Yadvendra Sharma ‘Chandra’ in Hindi, Please Click : | The size of this book is 3.58 MB | This Book has 159 Pages | The Download link of the book "Chhan Bhar Ki Dulhan" is given above, you can downlaod Chhan Bhar Ki Dulhan from the above link for free | Chhan Bhar Ki Dulhan is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 3.58 MB
कुल पृष्ठ : 159

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लम्बी सीधी सड़कपर चाँदनी आधी नहीं थी क्योंकि दोनों और | अट्टालिकाएँ नहीं थीं; केवल किनारेपर कुछ-कुछ दूरियोंसे छोटे-छोटे पेड़ लगे हुए थे। मौन, शीतल चाँदनी सफ़ेद कफ़नकी भाँति रास्तेपर विछती हुई दो क्षितिजको छू रही थी। एक विस्तृत, शान्त खुलापन | युवकको ढुक रहा था और उसे सिर्फ अपनी आवाज़ सुनाई दे रही
थी-पाप, हमारा पाप, हुम ढीले-ढाले, सुस्त, मध्यवर्गीय आत्म-सन्तोषियोंका घोर पाप । बंगालकी भूख हमारे चरित्र-विनाशका सबसे बड़ा सबूत । उसकी याद आते ही, जिसको भुलाने की तीव्र चेष्टा कर रहा | था, उसका हृदय काँप जाता था, और विवेक-भावना हांफने लगती थी ।
उस लम्वी सुदीर्घ श्वेत सड़कपर वह युवक एक छोटी-सी नगण्य छाया होकर चला जा रहा था ।

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