कृष्ण नीति है | Krishna Neeti

क्रिश्चियनिटी (ईसाइयत ) कृष्ण नीति है : पी.एन. | Christianity Is Krishna Neeti : P.N.Oak

क्रिश्चियनिटी (ईसाइयत ) कृष्ण नीति है : पी.एन. | Christianity Is Krishna Neeti : P.N.Oak के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : कृष्ण नीति है है | इस पुस्तक के लेखक हैं : P.N.Oak | P.N.Oak की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 19.3 MB है | पुस्तक में कुल 168 पृष्ठ हैं |नीचे कृष्ण नीति है का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | कृष्ण नीति है पुस्तक की श्रेणियां हैं : christian, dharm, Knowledge

Name of the Book is : Krishna Neeti | This Book is written by P.N.Oak | To Read and Download More Books written by P.N.Oak in Hindi, Please Click : | The size of this book is 19.3 MB | This Book has 168 Pages | The Download link of the book "Krishna Neeti" is given above, you can downlaod Krishna Neeti from the above link for free | Krishna Neeti is posted under following categories christian, dharm, Knowledge |


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पुस्तक का साइज : 19.3 MB
कुल पृष्ठ : 168

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हुछ लोगों को यह आत्म-प्रकाण हो सकता है Iक "Iक्रश्चियनिटी” का आइस्ट-नीति है जिसका अभिप्राय है क्राइस्ट द्वारा उपदिष्ट, तिपादित या आचरित जीवन-दर्शन ! इस पुस्तक में हमने अपनी उन खोजों की व्याख्या की है कि क्राइस्ट कोई ऐतिहासिक व्यक्ति था ही नहीं, अतः क्रिश्चियनिटी वास्तव में प्राचीन हिन्दू संस्कृत शब्द कृष्ण-नीति का प्रचलित विभेद है, अर्थात् वह जीवनदर्शन जिसे भगवान् कृष्ण, जिसे अंग्रेजी में विभिन्न प्रकार से लिखा जाता है, ने अवतार धारण कर प्रचलित, प्रतिपादित अथवा आचरित किया था। कण, जिसको क्राइस्ट उच्चरित किया जाता है, यह कोई योरोपीय विलक्षणता नहीं है। यह भारत में आरम्भ हुआ। उदाहरणार्थ-भारत के बग प्रदेश में जिन व्यक्तियों का नाम कृष्ण रखा जाता है उन्हें क्राइस्ट सम्बोधित किया जाता है। हम इस खोज का श्रेय नहीं लेते कि जीसस क्राइस्ट कोई ऐतिहासिक व्यक्ति नहीं है, क्योंकि कम से कम विगत दो सौ वर्षों से असंख्य जन यह सन्देह करते रहे है कि क्राइस्ट की कथा औपन्यासिक है। नेपोलियन जैसे अनेक प्रमुख व्यक्ति समय-समय पर स्पष्टतया इस सन्देह को उजागर करते रहे है। हाल ही में अनेक योरोपीय भाषाओं में, योरोपियन विद्वानों द्वारा एिर्ष लोचनाओं मेंकणतया की असत्यता को प्रकाशित किया ** कि बाइबल धार्मिक ग्रन्थ से सर्वथा पृथक्

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1 Comment
  1. trushal dhamapurkar says

    Mr. P.N. Oak ko rattibhar bhi bible ka gyaan nahi hai aur unki manghadat kahaniyo ko padhkar bahot hasi aati hai aur sirf hindu dharam aur krishna ke bare me hi prachaar kar rahe hai unhe bible ko padhne ki jarurat hai

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