दबदबा | Dabdaba

दबदबा | Dabdaba

दबदबा | Dabdaba के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : दबदबा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Yagyadutt Sharma | Yagyadutt Sharma की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 16 MB है | पुस्तक में कुल 401 पृष्ठ हैं |नीचे दबदबा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | दबदबा पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Dabdaba | This Book is written by Yagyadutt Sharma | To Read and Download More Books written by Yagyadutt Sharma in Hindi, Please Click : | The size of this book is 16 MB | This Book has 401 Pages | The Download link of the book "Dabdaba" is given above, you can downlaod Dabdaba from the above link for free | Dabdaba is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 16 MB
कुल पृष्ठ : 401

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पुलिस-लाइन में जो उत्सव होते थे उनका प्रवन्ध उसीके हाथों में रहता था । अफ़सरों के लिए शराव और उत्सव के अवसर पर नृत्य-संगीत का प्रवन्ध करना उसीका काम था । ये दोनों काम रामदयाल अपनी काली मूछों पर शान से मरोड़ीदेकर करता था । अज उसने दारोगाहातिमसिंह से कहा,"केवल ये ही तो दो काम मुझे दिए हैं हुजूर ने। ऐसा प्रवन्ध कियाजाएगा कि आप भी वाह-वाह कर उठे।

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