द्विवेदी युगीन खंडकाव्य | Dwivedi Yugin Khandkavya

द्विवेदी युगीन खंडकाव्य | Dwivedi Yugin Khandkavya

द्विवेदी युगीन खंडकाव्य | Dwivedi Yugin Khandkavya के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : द्विवेदी युगीन खंडकाव्य है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. Sarojini Agarwal | Dr. Sarojini Agarwal की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 6 MB है | पुस्तक में कुल 364 पृष्ठ हैं |नीचे द्विवेदी युगीन खंडकाव्य का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | द्विवेदी युगीन खंडकाव्य पुस्तक की श्रेणियां हैं : history

Name of the Book is : Dwivedi Yugin Khandkavya | This Book is written by Dr. Sarojini Agarwal | To Read and Download More Books written by Dr. Sarojini Agarwal in Hindi, Please Click : | The size of this book is 6 MB | This Book has 364 Pages | The Download link of the book "Dwivedi Yugin Khandkavya" is given above, you can downlaod Dwivedi Yugin Khandkavya from the above link for free | Dwivedi Yugin Khandkavya is posted under following categories history |


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पुस्तक का साइज : 6 MB
कुल पृष्ठ : 364

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अध्याय में समग्न रूप से खण्डकाव्यों की रस-योजना एवं अभिव्यजना कौशल पर विचार किया गया है। कुछ विशिष्ट उद्देश्यों को लेकर लिखे गये इन मौमित खण्डकाव्यों ने काव्य के भाव सौंदर्य और कला-जगत को सम्यक् रूप से कितना प्रभावित किया क्या वैशिष्ट्य और उपलब्धियों प्रदान को क्या कमियाँ और असमपंताएं रही कितनी अपेक्षाएँ पूर्ण हुई आदि की सामान्य जानकारी और उसके समष्टिगत प्रभाव से अवगत होने के लिये ही इन अध्यायों का समायोजन किया गया है।

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