श्रीमद्भागवत गीता रहस्य अथवा कर्मयोग शास्त्र | Shrimadbhagvat Geeta Rahasya Athwa Karmayog Shastra

श्रीमद्भागवत गीता रहस्य अथवा कर्मयोग शास्त्र : लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक हिंदी पुस्तक | Shrimadbhagvat Geeta Rahasya Athwa Karmayog Shastra : Lokmanya Bal Gangadhar Tilak Hindi Book

श्रीमद्भागवत गीता रहस्य अथवा कर्मयोग शास्त्र : लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक हिंदी पुस्तक | Shrimadbhagvat Geeta Rahasya Athwa Karmayog Shastra : Lokmanya Bal Gangadhar Tilak Hindi Book के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : श्रीमद्भागवत गीता रहस्य अथवा कर्मयोग शास्त्र है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Bal Gangadhar Tilak | Bal Gangadhar Tilak की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 38.69 MB है | पुस्तक में कुल 956 पृष्ठ हैं |नीचे श्रीमद्भागवत गीता रहस्य अथवा कर्मयोग शास्त्र का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | श्रीमद्भागवत गीता रहस्य अथवा कर्मयोग शास्त्र पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm, hindu

Name of the Book is : Shrimadbhagvat Geeta Rahasya Athwa Karmayog Shastra | This Book is written by Bal Gangadhar Tilak | To Read and Download More Books written by Bal Gangadhar Tilak in Hindi, Please Click : | The size of this book is 38.69 MB | This Book has 956 Pages | The Download link of the book "Shrimadbhagvat Geeta Rahasya Athwa Karmayog Shastra" is given above, you can downlaod Shrimadbhagvat Geeta Rahasya Athwa Karmayog Shastra from the above link for free | Shrimadbhagvat Geeta Rahasya Athwa Karmayog Shastra is posted under following categories dharm, hindu |


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पुस्तक का साइज : 38.69 MB
कुल पृष्ठ : 956

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28526 52068 87228 2 6 8 घ587 206 6 22687 रे 5 । अजय समपणम । दर दे गे दी है शरीगीताथ क गंभीर वयाखयातः कविभिः पुरा । गे ) आचारवियंशव बहुधा क मे5लपाधिषया मतिः ॥ ह कु तथापि चापलादसमि वककुं ते पुनरूचतः । (दि कक के न दासतरारथान संमुखीकृतय परयतनान नवयेैः सहोचितेः ॥ तमारयाः शरोतुमददनति कारयाकय-दिदकसवः । एवं विजञापय सुजनान कालिदासाकषरेः परिवेः ॥ बालो गांगाधरिशचा5ह तिठकानवयजों दविजः । महाराषटर पुणयपुरे वसन‌ शांडिलयगोतरभनत‌ ॥ शाके मुनयभरिवखुभू-संमिते शालिवाहने । अनुसतय सतां मारग समरंशवापि वचो हरे। ॥ समपंये गरंथमिमं शरीशाय जनतातमने । अनेन परीयतां देवो भगवान‌ पुरुष परः ॥ दर क ७ थ ही ७ & 2 क७% छिप नम ०...) 0. & 2.& नननन छप ९७ 56 के थे केक ० (.. बज 1 3८.3 श 3-54 6 न दर ६७ २६ ब | यतकरोधि यदशनासि यजजुददोषि ददासि यत‌ । यततपसयसि कौंतेय ततकुरुपव मदपणमू ॥। -गीता ९. र७ 2226 ८8 .छ 2%5 &. कक & गे डक लग कम ७७७ ०० चर कक ०० 2८8 पूछे ट0.3द २९-3८. एन एट नाइट 3९. 2 ३ रनटि००४० नद० ट० ८ बन ब०० 9० कक नधव कर ००3०० ००3०० बन पयः पछः छः द

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