गुरुकुल | Gurukul

गुरुकुल हिंदी पुस्तक पीडीऍफ़ में | Gurukul hindi book in pdf

गुरुकुल हिंदी पुस्तक पीडीऍफ़ में | Gurukul hindi book in pdf के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : गुरुकुल है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Maithili sharan gupt | Maithili sharan gupt की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 7.92 MB है | पुस्तक में कुल 272 पृष्ठ हैं |नीचे गुरुकुल का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | गुरुकुल पुस्तक की श्रेणियां हैं : Poetry, Uncategorized

Name of the Book is : Gurukul | This Book is written by Maithili sharan gupt | To Read and Download More Books written by Maithili sharan gupt in Hindi, Please Click : | The size of this book is 7.92 MB | This Book has 272 Pages | The Download link of the book "Gurukul" is given above, you can downlaod Gurukul from the above link for free | Gurukul is posted under following categories Poetry, Uncategorized |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 7.92 MB
कुल पृष्ठ : 272

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्‌्‌ गुरुकुछ रहे हैं। इघर हिन्दी की कवि-प्रडत्ति भी एक नये मार्ग पर ऐसे वेग से बढ़ रद्दी है कि लेखक आप दी आप पिछड़ रहा है। उसे इसकी चिन्ता नहीं । चिन्ता इसी बात की है कि अधूरी रचनाओं के रूप में उसकी कुछ इच्छाएं पूरी हो जाये तो उनके लिए पुनजन्म न लेना पड़े और इस प्रकार अनधिकार चेष्ठा से उसे इसी जन्म में मुक्ति मिल जाय | तथापि इघर इस पुस्तक के लिखने की कोई सम्भावना न थी । किन्वु थोडे दिन हुए एक सिख सुन ने बड़े स्नेह आदर और साथ ही कुछ अभिमान पूर्वक लेखक से कहां था-- क्या आप सिख शुरुओं पर भी कुछ लिखने की कृपा करेंगे १ हिन्दी के कवियों ने कहना चाहिए कि अब तक उन पर कुछ नहीं ठिखा । क्या गुरूओं के बलिदान इस योग्य योग्य नहीं कि मैं आपसे यह प्राथना न कर सकूँ ? राम | राम !! सिख गुयरर्जों के बलिदान तो ऐसे हैं कि जैसे कुछ दोने चाहिए । लेखक बडे असंमंजस में पड़ गया । अपनी असमथंता अथवा अयोग्यता की बात कहने का. भी उसे साइस न हुआ । विवश होकर उसने यही निश्चय किया कि

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