जैन – जागरण के अग्रदूत | Jain – Jagran Ke Agradoot

जैन – जागरण के अग्रदूत | Jain – Jagran Ke Agradoot

जैन – जागरण के अग्रदूत | Jain – Jagran Ke Agradoot के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : जैन – जागरण के अग्रदूत है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ayodhya Prasad Goyaliya | Ayodhya Prasad Goyaliya की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 21 MB है | पुस्तक में कुल 626 पृष्ठ हैं |नीचे जैन – जागरण के अग्रदूत का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | जैन – जागरण के अग्रदूत पुस्तक की श्रेणियां हैं : Spirituality -Adhyatm

Name of the Book is : Jain – Jagran Ke Agradoot | This Book is written by Ayodhya Prasad Goyaliya | To Read and Download More Books written by Ayodhya Prasad Goyaliya in Hindi, Please Click : | The size of this book is 21 MB | This Book has 626 Pages | The Download link of the book "Jain – Jagran Ke Agradoot" is given above, you can downlaod Jain – Jagran Ke Agradoot from the above link for free | Jain – Jagran Ke Agradoot is posted under following categories Spirituality -Adhyatm |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 21 MB
कुल पृष्ठ : 626

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

यूं तो न जाने कितने त्यागी, विद्वान्, सुधारक, लोकसेवक, साहित्यिक, दानवीर और मूक साधक जैनसमाजमें हुए और है; किन्तु उन सभीका परिचय पाना, लिखना, लिखाना किसी भी एक व्यक्ति द्वारा सम्भव नही। यह महान् कार्य तो समूचे समाजके सहयोगसे ही सम्भव हो सकता है। ज्ञानपीठ तो एक प्रथाका उद्घाटन कर रहा है । अब यह समाजके लेखकोंका कर्तव्य है कि वे जिनके बारेमें जानकारी रखते हैं, उनके सम्बन्धमें लिखें और इस प्रथाको अधिकाधिक विकसित करें।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.