मामोनी रायसम की कहानियाँ | Mamoni Raisom Ki Kahaniyan

मामोनी रायसम की कहानियाँ | Mamoni Raisom Ki Kahaniyan

मामोनी रायसम की कहानियाँ | Mamoni Raisom Ki Kahaniyan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : मामोनी रायसम की कहानियाँ है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Mamoni Raisom Goswami | Mamoni Raisom Goswami की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 6.2 MB है | पुस्तक में कुल 120 पृष्ठ हैं |नीचे मामोनी रायसम की कहानियाँ का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | मामोनी रायसम की कहानियाँ पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge, Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Mamoni Raisom Ki Kahaniyan | This Book is written by Mamoni Raisom Goswami | To Read and Download More Books written by Mamoni Raisom Goswami in Hindi, Please Click : | The size of this book is 6.2 MB | This Book has 120 Pages | The Download link of the book "Mamoni Raisom Ki Kahaniyan" is given above, you can downlaod Mamoni Raisom Ki Kahaniyan from the above link for free | Mamoni Raisom Ki Kahaniyan is posted under following categories Knowledge, Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 6.2 MB
कुल पृष्ठ : 120

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

दुनिया को जानती है, वह बहुत निष्ठुर और ममताविहीन है, यद्यपि इस सब के बीच वह मानवीय सहृदयता भी ढूंढ लेती है। और यही कारण है कि उसकी कहानी ‘परसू का कुआं' में रक्तपिपासु काबुलीवाला रहमत भी अंत में मानवीय रूप में अवतरित होता है। ‘हिम साम्राज्ञी' एक पत्थर के शहर में बर्फीली नदी की भांति दिखती है। ‘पशु' की बुनियाद में कृष्णकांत और निमाई का निष्पाप प्रेम है। ‘द्वारका में द्वारका के मर्मरहित हृदय में भी प्रेम का एक पारिजात खिल उठता है। इस सब के बावजूद लेखिका की कहानियां हिंसा के साए से घिरी दिख पड़ती हैं।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.