मरुद्देवताका मंत्र संग्रह | Marudhevataka Mantra Sangrah

मरुद्देवताका मंत्र संग्रह | Marudhevataka Mantra Sangrah

मरुद्देवताका मंत्र संग्रह | Marudhevataka Mantra Sangrah के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : मरुद्देवताका मंत्र संग्रह है | इस पुस्तक के लेखक हैं : P. Shripad Damodar | P. Shripad Damodar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 16.6 MB है | पुस्तक में कुल 285 पृष्ठ हैं |नीचे मरुद्देवताका मंत्र संग्रह का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | मरुद्देवताका मंत्र संग्रह पुस्तक की श्रेणियां हैं : Spirituality -Adhyatm

Name of the Book is : Marudhevataka Mantra Sangrah | This Book is written by P. Shripad Damodar | To Read and Download More Books written by P. Shripad Damodar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 16.6 MB | This Book has 285 Pages | The Download link of the book "Marudhevataka Mantra Sangrah" is given above, you can downlaod Marudhevataka Mantra Sangrah from the above link for free | Marudhevataka Mantra Sangrah is posted under following categories Spirituality -Adhyatm |


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पुस्तक का साइज : 16.6 MB
कुल पृष्ठ : 285

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किसी भी वीर-गाथा में नारियों का उल्लेख एक न एक ढंग से अवश्य ही उपलब्ध होता है। पंचमहाकाव्य या अन्य काव्यों का निरीक्षण करने पर ज्ञात होता है कि उन में वीरों के वर्णन के साथ ही साथ उनकी प्रेयसियों का बखान अवश्य ही किया है । स्त्रियों का वर्णन ने किया हो ऐसा शायद एक भी वीर-काव्य नहीं पाया जाता है। यदि इस नियम का कोई अपवाद भी हो, तो उससे इस नियमकी ही सिद्धता होती है, ऐसा कहना पडेगा ।

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