प्रजातंत्र की ओर | Prajatantra Ki Aur

प्रजातंत्र की ओर | Prajatantra Ki Aur

प्रजातंत्र की ओर | Prajatantra Ki Aur के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : प्रजातंत्र की ओर है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Gorakhnath Chaube | Gorakhnath Chaube की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 04.8 MB है | पुस्तक में कुल 134 पृष्ठ हैं |नीचे प्रजातंत्र की ओर का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | प्रजातंत्र की ओर पुस्तक की श्रेणियां हैं : politics

Name of the Book is : Prajatantra Ki Aur | This Book is written by Gorakhnath Chaube | To Read and Download More Books written by Gorakhnath Chaube in Hindi, Please Click : | The size of this book is 04.8 MB | This Book has 134 Pages | The Download link of the book "Prajatantra Ki Aur " is given above, you can downlaod Prajatantra Ki Aur from the above link for free | Prajatantra Ki Aur is posted under following categories politics |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 04.8 MB
कुल पृष्ठ : 134

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सामाजिक जीवन में राजनीतिक संस्थाओं का मूल्य इतना अधिक है कि इनकी उपेक्षा नहीं की जा सकती । प्रत्येक युग में सरकारी संगठन का महत्व इतना अधिक रहा है कि इसी पर समाज के सुख और शान्ति का भार माना जाय तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है। सरकारी ढाँचे में दो पक्ष इतनी खूबी के साथ अलग किये गये हैं कि एक ही व्यक्ति दोनों स्थानों पर अपने को भिन्न समझता है। अमुक व्यक्ति किसी सरकारी पद पर अपने कितने ही कार्यों के लिये पश्चाताप करता है, परन्तु क़ानून के वशीभूत होकर बह इसे करने के लिये विवश है। इसके अन्दर केवल रोटी का सवाल नहीं है, बल्कि सरकारी शक्ति उसे ऐसा करने के लिये वाध्य करती है ।

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