समयसार कलश | Samay Sar

समयसार कलश | Samay Sar

समयसार कलश | Samay Sar के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : समयसार कलश है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Shri Pandey Ram Mal ji | Shri Pandey Ram Mal ji की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 12 MB है | पुस्तक में कुल 281 पृष्ठ हैं |नीचे समयसार कलश का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | समयसार कलश पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm, Spirituality -Adhyatm

Name of the Book is : Samay Sar | This Book is written by Shri Pandey Ram Mal ji | To Read and Download More Books written by Shri Pandey Ram Mal ji in Hindi, Please Click : | The size of this book is 12 MB | This Book has 281 Pages | The Download link of the book "Samay Sar " is given above, you can downlaod Samay Sar from the above link for free | Samay Sar is posted under following categories dharm, Spirituality -Adhyatm |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 12 MB
कुल पृष्ठ : 281

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भगवान श्री कुन्दकुन्दाचार्य देव ने धी "समयसार" (समयप्राभूत) की रचना की उसपर थी भगवान् अमृतचन्द्राचार्यदेव ने "आत्मख्याति" टीका सिसी। टीका में प्राचार्यदेवने पच कलश ( जिन मन्दिर के शिखर पर गुवर्ण कलश के समान) भी जिथे । उन बनगो पर पात्मसंचेतनका निर्मल रसास्वाद सेनेवाने पं० श्री राजमालजी पाहे ने वर्तमान चालती दारी भाषामे स्वतत्र टीका की । प्रत्येक श्लोक की टीका मे पंडितजी ने पूर्व अर्थ व भावका उद्घाटन किया है।
विकम म १६५७ मे स्वर्गीय ब्रह्मचारी श्री शीतलप्रसादजी द्वारा अनेक हस्तलिग्नित प्रतियो के आधार पर मपादित इस प्रथका यी मूलचन्द किशनदास कापरिया द्वारा मुरत से प्रकाशन हुआ था।

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